प्रकृति से सीखों :-
प्रकृति से सीखों :-
सूरज से सीखों - स्वयं तपकर भी दूसरों को प्रकाश देता है।
चन्द्रमा से सीखों - दूसरों को शीतलता देता है।
पवन से सीखों - दूसरों को जीवन देता है।
वृक्ष से सीखों - दूसरों को फल तथा छाया देता है।
शाखा से सीखों - झुकना सीखों।
झरना-नदी से सीखों - निरंतर आगे बढ़ना।
पर्वतों से सीखों - सदा अड़िग बने रहना।
अग्नि से सीखों - तपाकर शुद्ध करना, पापों को जला देना।
पृथ्वी से सीखों - कष्ट सह कर भी दूसरों की सेवा करना।
आकाश से सीखों - सब को आश्रय देना।
पुष्प से सीखों - सब को खशबू देकर प्रसन्न करना।
पशु व पक्षियों से सीखों - दूसरों के हिस्से को बटोरकर न रखना।
आओं हम भी प्रकृति
के एक अंग होने के नाते दूसरों की सहायता करें तथा अपनी जरूरत से अधिक बटोरकर न
रखें।

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